in

(पुस्तक समीक्षा) मल्कागंज वाला देवदास

इस पोस्ट में हम Malkaganj Wala Devdas Book Review देंगे। इस Book Review से आपको पता चलेगा की इस किताब की कहानी क्या है और ये Malkaganj Wala Devdas Book किसके लिए ख़ास हैं।

राजमंगल प्रकाशन द्वारा प्रकाशित ‘मल्कागंज वाला देवदास‘ रोहन कुमार द्वारा रचित  एक लघु उपन्यास है . इस पुस्तक में केवल 110 पृष्ठ हैं और इतने पृष्ठों को तो एक सांस में ही पढ़ा जा सकता है और जाना जा सकता है की लेखक क्या कहना चाहता है।

Malkaganj Wala Devdas By Rohan Kumar
पुस्तक: मल्कागंज वाला देवदास
लेखक:रोहन कुमार
प्रकाशक: राजमंगल प्रकाशन
उपलब्ध:  एमेजॉन वेबसाइट
कीमत:179₹

वर्तमान के आधुनिक काल में  कॉलेज जीवन, राजनीति और सर्वोपरि रिलेशनशिप की तस्वीर पाठकों के सम्मुख रखने की लेखक ने चेष्टा की है और काफ़ी हद तक वह इसमें सफल भी रहे है।

सीधे-साधे केशव का गांव से आना और शामली से संबंध बनाना, जीवन की उलझनों और कशमकश से जूझना, कहानी में हमें अंत तक बांधे रखता है। केशव के साथ-साथ धनंजय व शशिकांत जैसे किरदारों से उनकी मुख्य विषय वस्तु पर पकड़ बनी है।

प्रेम शारीरिक आकर्षण से कहीं ऊंचा होता है, जो कमरे में रखे किसी मोगरे सा महकता है पर जब नायिका अपने भविष्य को आर्थिक दृष्टि से मजबूत नहीं देखती तो किसी दूसरे का हाथ थामने से भी नहीं झिझकती, यही बात लेखक ने युवा पीढ़ी की ओर से कही है। कहीं ना कहीं हर युवा पाठक को यह कहानी और उसके किरदार अपने से लगेंगे।

यह उपन्यास छोटे शहरों से आए लड़के लड़कियों के जीवन को करीब से दर्शाता है और प्रेम के सही मायनों की समझ ह्रदय पर छोड़ जाता है. हर व्यक्ति जो छोटे शहर से बड़े शहरों की ओर आया होता है खुद को स्वच्छंद और एक नई दुनिया का हिस्सा पाता है, वहीं इस नई दुनिया में आने पर कई सारे विचार और परेशानियों उसे घेर लेती हैं और वह अपने अस्तित्व व पहचान खोने लगता है. कुछ ऐसी ही कहानी है केशव की और उस शहर की जिसने उसे सबकुछ दिया सिवाए प्रेम के।

युवा पीढ़ी को यह किताब बहुत पसंद आएगी। लघु उपन्यासों में रुचि रखने वाले लोगों को यह किताब जरूर पढ़नी चाहिए।

3 Questions About ‘Malkaganj Wala Devdas

1: क्या यह किताब PDF में भी उपलब्ध है?

  • (मल्कागंज वाला देवदास) Malkaganj Wala Devdas Kindle व Paperback दोनों में उपलब्ध है.

2: मल्कागंज वाला देवदास के लेखक कौन हैं?

  • बात करे लेखक के बारे में तो “मल्कागंज वाला देवदास” रोहन कुमार जी का पहला उपन्यास है। वह नाट्य कला से जुड़े हुए हैं और अभी तक तीन नाटक लिख चुके हैं. पहले उपन्यास के तौर पर उनका यह प्रयास सराहनीय व दिलचस्प है.

3 हम इस किताब को कहा से खरीद सकते है?

  • यह किताब Amazon और Flipkart दोनों पर ही उपलब्ध हैं।

पुस्तक रेटिंग

★★★☆☆

Written by अनमोल सैनी

अनमोल, गाजियाबाद से है। अनमोल इंजीनियरिंग की छात्रा है। विज्ञान के इतने करीब रहने के बावजूद उन्हें अपना सुकून किताबों, कहानियों और किस्सों में मिलता है। साहित्य में उनका गहरा रुझान है। वो कविताएं और लघु कथाएं लिखती है। किताबें उनकी सबसे अच्छी दोस्त हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GIPHY App Key not set. Please check settings

TVF’s Aspirants Quotes

TVF’s Aspirants के 10 सबसे अच्छे Motivational Dialogues

Top 10 Poem of Mahadevi Verma

10+ महादेवी वर्मा जी की श्रेष्ठ कविताएं