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Poem on Bihar: बिहार पर 5 सबसे लोकप्रिय कविताएं

Poem on Bihar in Hindi

Poem on Bihar in Hindi: दोस्तों अगर आप बिहार पर कविताएं ढूंढ रहे है तो बिलकुल सही वेबसाइट पर आये हैं। हम इस पोस्ट में बिहार के ऊपर (Poem on Bihar) बहुत ही लोकप्रिय कविताएं आपके साथ शेयर कर रहे हैं। इन सभी कविताओं में कवि बिहार पर बहुत ही महत्वपूर्ण बातों का वर्णन किया हैं।

यह Poem on Bihar के सभी कविताओं में से कुछ कविताएं हमारे साहित्य जर्नल इंस्टाग्राम पेज के लेखकों द्वारा लिखा गया हैं. सभी कविताओं के निचे लेखक का नाम भी अंकित किया गया हैं जिससे आप उन्हें आसानी से ढूंढ सके। इन सभी कविताओं में से अपनी पसंदीदा पंक्ति निचे कमेंट बॉक्स में जरूर छोड़े।

1. हम बिहार तो छोड़ आये, पर बिहारीपन नहीं भूलें।

गांव की गलियों में गुजरा अभी बचपन नहीं भूलें।
हम बिहार तो छोड़ आये, पर बिहारीपन नहीं भूलें।।

भाषा की मिठास और रिश्तों का अपमान नहीं भूलें।
हम बिहार तो छोड़ आये, पर बिहारीपन नहीं भूलें।

नये मकान में आकर भी हम वो आंगन नहीं भूलें।
हम बिहार तो छोड़ आये, पर बिहारीपन नहीं भूलें।।

वो मेला हाट, वो कोशी घाट, और अल्हड़ पानी नहीं भूले।
हम बिहार तो छोड़ आये, पर बिहारीपन नहीं भूलें।।

गिल्ली डंडा और कुस्ती का वो फन नहीं भूले।
हम बिहार तो छोड़ आये, पर बिहारीपन नहीं भूलें।।

भूलना था बहुत आसान पर हम आदतन नहीं भूलें।
हम बिहार तो छोड़ आये, पर बिहारीपन नहीं भूलें।।

हाँ, हम बिहार तो छोड़ आये, पर बिहारीपन नहीं भूलें।।

लेखक: – अज्ञात


2. (Bihar Poem in Hindi) मैं बिहार हूँ – Mai Bihar Hun

जानकी का जन्मस्थान, संविधान का उत्थान हूँ,
भगवान महावीर का त्याग, और बुद्ध का मैं ज्ञान हूँ,
मैं बिहार हूँ!!

चंद्रगुप्त की वीरता, चाणक्य की चतुरता,
वीर कुंवर का साहस, और अशोक महान हूँ,
मैं बिहार हूँ!!

गुरु गोविंद की याद, लिट्टी-चोखा का स्वाद हूँ,
वाल्मीकि का काव्य, और राजनीति का प्राण हूँ,
मैं बिहार हूँ!!

पवित्र गंगा की धार, प्यार की बौछार हूँ,
बुद्धिमता से परिपूर्ण, परंपराओं की खान हूँ,
मैं बिहार हूँ!!

लेखक: – ज्योति गुप्ता | @jyoti_kashyap2310


3. मैं एक बिहारी हूँ। – Mai Ek Bihari Hun.

मजबूत नहीं हूँ आज, पर मजबूर नहीं हूँ,
मैं एक बिहारी हूँ साहब, पर लाचार नहीं हूँ।

गणित का जन्मदाता हूँ, पर अहंकारी नहीं हूँ,
मैं रुप का बैरागी हूँ साहब, पर भिखारी नहीं हूँ।

कपड़ा गन्दा है आज, पर दिल मैला नहीं है,
मैं एक राही हूँ साहब, पर कोई थैला नहीं है।

जेब खाली है, पर किसी से कुछ माँगा नहीं हूँ,
मैं एक गरीब हूँ साहब, पर अभी भूखा नहीं हूँ।

अपनों का साथ छूटा है, पर अभी टूटा नहीं हूँ,
मैं एक पिता हूँ साहब, पर झूठा नहीं हूँ।

अर्थिक स्थिति खराब है, पर अभी झुका नहीं हूँ,
मैं थोड़ा थका हूँ साहब, पर अभी रुका नहीं हूँ।

दिल में बहुत दर्द है, पर कभी पीता नहीं हूँ,
मैं निर्धन हूँ साहब, पर कभी रोता नहीं हुँ।

कुछ इंसान ने धोखा दिया, पर साथ छोड़ा नहीं हूँ,
मैं एक समाज हूँ साहब, पर अभी बिखरा नहीं हूँ।

लेखक: – आकाश मिश्रा | @akashmishra.official


4. (Hindi Poem on Bihar) बिहार हूँ मैं – Bihar Hu Mai

चाणक्य सा ज्ञानी हूं मै, जनक सा स्वाभिमानी हूँ मै
मांझी सा जिद्दी हूँ मै, बोधगया में सिद्धि हूँ मै

आर्यभट सा गणितज्ञ हूँ मैं, राजेंद्र प्रसाद सा राजनितज्ञ हूँ मैं
अशोक स्तंभ के शेर की दहाड़ हूँ मैं, अभी चल अधिक बिहार हूँ मैं

मिथिला सा मिठास हूँ मैं, वैशाली सा इतिहास हूँ मैं
सात शहीद का रक्त हूँ मैं, लोकनायक सा देश भक्त हूँ मैं

गुरु गोविन्द सा बलवान हूँ मैं, मैत्रई का अद्धभुत ज्ञान हूँ मैं
अपना वजूद लिए बरकरार हूँ मैं, अभी चल अधिक बिहार हूँ मैं

मगध सा सम्राज्य हूँ मैं, हिन्द के सर का ताज हूँ मैं
पटना सा प्यारा हूँ मैं, भोजपुरी सा आवारा हूँ मैं

शिक्षा केंद्र विक्रमशिला हूँ मैं, कोशी की विनाश लीला हूँ मैं
गणतंत्र का प्रथम प्रहार हूँ मैं, अभी चल अधिक बिहार हूँ मैं

छठ सा धार्मिक हूँ मैं, विद्यापति सा मार्मिक हूँ मैं
दिनकर सा कवि हूँ मैं, बुद्धा की पावन छवि हूँ मैं

शांति स्तूप सा मजबूत हूँ मैं, करोड़ो दिलों का एक परिवार हूँ मैं
अभी चल अधिक बिहार हूँ मैं

लेखक: – अज्ञात


5. (Bihar Par Kavita) मेरा बिहार – Mera Bihar

यहां आर्यभट्ट का ज्ञान है, और बिस्मिल्लाह की तान है
जहां सीता का स्वाभिमान है, और दिनकर का गान है,
ऐसे पुण्य बिहार को शत-शत बार प्रणाम है।

देश का मान बढ़ाया है इसने, इतिहास गवाही देता है
हां सत्य अहिंसा पनपी थी, इतिहास गवाही देता हैं

यहां के सृजित बीजे से अकंकृत हमारा समाज हैं (सच्चिदानन्द सिन्हा एवं राजेंद्र प्रसाद)
ऐसे पुण्य बिहार को शत-शत बार प्रणाम है।

याद को सन् सत्तावन ने क्रांति का अलख जगाया था
इस बिहार के कुंवर सिंह ने फिरंगी को धूल चटाया था ।

देश की रक्षा के खातिर इसके कई सुत कुर्बान हैं
ऐसे पुण्य बिहार को शत-शत बार प्रणाम है।

लेखक: – सोमा मित्रा | @soma1204mitra


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